सिंधु जल संधि: पाकिस्तान की मध्यस्थता की चाल पड़ी भारी, भारत का खर्च भी भरना पड़ा
ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान की ओर से की गई मध्यस्थता की कोशिश अब उस पर ही भारी पड़ रही है। भारत द्वारा संधि को स्थगित करने के बाद, पाकिस्तान को अब खुद के साथ-साथ भारत का भी मध्यस्थता खर्च वहन करना पड़ रहा है। पाकिस्तान ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए अब तक ₹5.7 करोड़ खर्च कर दिए हैं, और आने वाले समय में यह खर्च और बढ़ने के आसार हैं।