मुजफ्फरपुर: 2015 और 2020 के सांप्रदायिक कांडों में पुलिस सबूत देने में विफल, आरोपियों को राहत संभव

मुजफ्फरपुर में 2015 और 2020 के दो सांप्रदायिक कांडों में पुलिस महत्वपूर्ण साक्ष्य उपलब्ध नहीं करा सकी। पियर (2020) में पाकिस्तान का झंडा लगाने और सिकंदरपुर (2015) में इलेक्ट्रॉनिक संदेश से जुड़े मामलों में गृह विभाग ने साक्ष्य मांगे थे। पुलिस वीडियो और इलेक्ट्रॉनिक संदेश नहीं जुटा पाई। साक्ष्य के अभाव में आरोपियों को अभियोजन से राहत मिल सकती है। एसएसपी ने डीएम को रिपोर्ट सौंपी है।

by shortkt.com
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