भीषण गर्मी से भारत को ₹24 लाख करोड़ का आर्थिक नुकसान, GDP और लेबर प्रोडक्टिविटी पर मंडराया संकट

भारत में तापमान बढ़ने का सीधा असर काम करने की क्षमता और उत्पादकता पर दिख रहा है। लैंसेट काउंटडाउन की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2024 में अत्यधिक गर्मी की वजह से देश को 247 अरब लेबर घंटों का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, मैकिन्से का आकलन है कि 2030 तक गर्मी और उमस के कारण भारत की GDP का 2.5% से 4.5% हिस्सा खतरे में आ सकता है, जिससे सालाना ₹14.3 लाख करोड़ से लेकर ₹23.8 लाख करोड़ तक का आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।

by shortkt.com
3 घंटे पहले
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