नौकरी जाने के बाद अमेरिका में सफाई का काम करने को मजबूर हुआ भारतीय, बचत खत्म होने का किया जिक्र
इंदौर के रहने वाले विनय माहेश्वरी, जो अमेरिका में एच-1बी वीज़ा पर कार्यरत थे, पिछले साल अपनी नौकरी गंवा बैठे। निर्धारित 60 दिनों के भीतर नया रोजगार न मिल पाने के बावजूद वह कुछ समय तक अमेरिका में ही रहे। हालांकि, जब उनकी जमा-पूंजी समाप्त हो गई, तो उन्हें नॉर्थ कैरोलाइना के एक हॉस्टल में कमरा साफ करने का काम करना पड़ा। विनय ने बताया कि उनके पास मौजूद पैसे उनकी सोच से कहीं ज्यादा तेजी से खत्म हो गए।