गुवाहाटी हाईकोर्ट ने मज़दूर को विदेशी बताया, 15 दस्तावेज़ भी नागरिकता साबित नहीं कर पाए

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम के एक दिहाड़ी मज़दूर को विदेशी घोषित किया है। यह फैसला फॉरनर्स ट्रिब्यूनल के निर्णय को सही ठहराते हुए आया, भले ही मज़दूर ने अपनी नागरिकता साबित करने के लिए 15 दस्तावेज़ पेश किए थे। याचिकाकर्ता ने अपनी पहचान के तौर पर पैन-कार्ड, ईपीआईसी (EPIC), स्कूल सर्टिफिकेट, 1966 से 2017 तक की वोटर लिस्ट और एनआरसी (NRC) सूची में अपने पिता और दादा के नाम जैसे कई दस्तावेज़ प्रस्तुत किए थे। हालांकि, हाईकोर्ट ने इन सभी दस्तावेज़ों को कानूनी तौर पर अमान्य और भारतीय नागरिकता सिद्ध करने के लिए नाकाफी करार दिया।

by shortkt.com
3 घंटे पहले
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