गाली देना हमेशा अश्लीलता नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने 'मा***द' शब्द से जुड़े मामले में दी टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक हालिया फैसले में स्पष्ट किया है कि गाली-गलौज करना हर बार अश्लीलता के दायरे में नहीं आता। शीर्ष अदालत के अनुसार, किसी शब्द को तभी अश्लील कहा जा सकता है जब वह यौन उत्तेजना या कामुकता को प्रोत्साहित करता हो। यह टिप्पणी कोर्ट ने उस व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई के दौरान की, जिसे 'मा***द' शब्द का इस्तेमाल करने के लिए अश्लीलता का दोषी करार दिया गया था।