गर्भपात पर पत्नी का फैसला ही अंतिम, पति की सहमति जरूरी नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने 13 सप्ताह की गर्भवती महिला को गर्भपात की इजाजत देते हुए महिलाओं के प्रजनन अधिकारों पर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि गर्भावस्था कानून द्वारा तय समय सीमा के अंदर है, तो महिला को यह निर्णय लेने का पूरा अधिकार है कि वह गर्भ जारी रखना चाहती है या नहीं। इसके लिए उसे अपने पति की अनुमति लेने की कोई आवश्यकता नहीं है।

by shortkt.com
2 घंटे पहले
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