कॉन्गो के खनिजों पर अमेरिका और चीन के बीच क्यों है होड़?
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो में दुनिया का 70 फीसदी से ज्यादा कोबाल्ट और बड़ी तादाद में तांबा मौजूद है। ये खनिज इलेक्ट्रिक वाहनों, रिन्यूएबल एनर्जी और रक्षा उपकरणों के निर्माण के लिए बेहद जरूरी हैं। फिलहाल, बुनियादी ढांचे के बदले कॉन्गो के करीब 80 प्रतिशत खनिज उत्पादन पर चीन का नियंत्रण है। दूसरी ओर, अमेरिका भी कॉन्गो की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में निवेश कर रहा है ताकि वह भी इन खनिजों तक अपनी पहुंच बना सके।