केरल हाईकोर्ट का फैसला: महिला के प्राइवेट पार्ट पर वाइब्रेटर का इस्तेमाल भी रेप
केरल हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी महिला या नाबालिग के निजी अंगों पर वाइब्रेटिंग मशीन या अन्य उपकरण का इस्तेमाल करना 'पेनेट्रेटिव सेक्सुअल असॉल्ट' की श्रेणी में आता है। अदालत ने एक मामले में निचली अदालत द्वारा सुनाई गई 10 साल की सजा को बरकरार रखा है। आरोपी ने 17 साल की एक लड़की को नौकरी का लालच देकर अपने घर बुलाया था और उसके प्राइवेट पार्ट के पास चालू वाइब्रेटिंग मशीन लगा दी थी।