अमेरिका-ईरान के बीच संभावित युद्ध का भारत पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

यदि अमेरिका और ईरान के बीच फिर से संघर्ष शुरू होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 120 से 130 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकते हैं। तेल की बढ़ती कीमतों के कारण भारत का आयात खर्च काफी बढ़ जाएगा, जिससे चालू खाता घाटा गहरा होगा और भारतीय रुपया अपने अब तक के सबसे निचले स्तर तक गिर सकता है। इसके अलावा, ऊर्जा के महंगे होने से ईंधन, खाद्य पदार्थों और खाद की कीमतों में भी भारी उछाल आएगा।

by shortkt.com
4 घंटे पहले
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