होर्मुज जलडमरूमध्य विवाद: भारत पर ईंधन आयात का ₹2 लाख करोड़ का भारी बोझ
CREA की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में जारी संकट की वजह से मार्च से अगस्त के दौरान दुनिया भर के ईंधन आयातकों को 330 अरब डॉलर का फालतू खर्च करना पड़ा। इस मामले में चीन 35 अरब डॉलर के अतिरिक्त खर्च के साथ सबसे ऊपर है, जबकि भारत 22 अरब डॉलर यानी करीब 2 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त भुगतान के साथ दूसरे स्थान पर है। इस खर्च में कच्चे तेल के साथ-साथ ईंधन उत्पादों और एलएनजी (LNG) का आयात भी शामिल है।