सिद्धांतों की लड़ाई: 109 साल पुराने कर्ज को लेकर ब्रिटिश सरकार से जवाब मांग रहा परिवार
मध्य प्रदेश के सीहोर के रहने वाले 63 वर्षीय विवेक रूठिया अपने दादा सेठ जुम्मालाल रूठिया द्वारा 1917 में ब्रिटिश सरकार को दिए गए ₹35,000 के वॉर लोन की वापसी की मांग कर रहे हैं। इस बारे में विवेक का कहना है कि यह केवल रकम वापस पाने का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह सिद्धांतों की बात है। उन्होंने आगे कहा कि यदि ब्रिटिश हुकूमत ने उस समय पैसे लिए थे, तो इसका रिकॉर्ड जरूर होना चाहिए। वे जानना चाहते हैं कि उस कर्ज का भुगतान किस तरह किया गया और उन्हें बस इस मामले में स्पष्ट जवाब और दस्तावेज देखने हैं।