संघर्षों से भरी है 'मुसाफिर कैफे' की महिमा मकवाना की कहानी, जानें कैसे मिली कामयाबी
मुंबई की एक चॉल में पली-बढ़ीं महिमा मकवाना, जो आज 'मुसाफिर कैफे' के लिए जानी जाती हैं, ने महज पांच महीने की उम्र में ही अपने पिता का साया खो दिया था। उन्होंने नौ साल की छोटी उम्र से ही ऑडिशन देना शुरू कर दिया था। कड़ी मेहनत के बाद 13 साल की उम्र में उन्हें टीवी शो में मुख्य भूमिका मिली और महज 14 साल की उम्र में उन्होंने अपना खुद का घर खरीद लिया।