वोटर लिस्ट में नाम न होना नागरिकता का प्रमाण नहीं, चुनाव आयोग के पास नागरिकता तय करने का अधिकार नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची में नाम न होने या नाम कट जाने से किसी की नागरिकता समाप्त नहीं हो जाती। अदालत ने साफ कहा कि नागरिकता का निर्धारण करना चुनाव आयोग के कार्यक्षेत्र में नहीं आता है। कोर्ट के अनुसार, यदि किसी की नागरिकता को लेकर कोई विवाद है, तो अंतिम निर्णय लेने के लिए चुनाव आयोग को उस मामले को केंद्र सरकार के पास भेजना अनिवार्य है।