लाठियों-पत्थरों से बात बिगड़ती है, गांधी का रास्ता आज भी प्रासंगिक: सोनम वांगचुक

सोनम वांगचुक ने सोमवार को राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि लोगों को समझना होगा कि यह हल शांति का रास्ता अपनाने से हुआ है। उन्होंने कहा, "लाठियों और पत्थरों से बात और बिगड़ने का डर था।" वांगचुक ने कहा, "यह बहुत सफल प्रयोग है। मुझे तसस्ली है कि...1000 साल बाद भी यह प्रासंगिक होगा।"

by shortkt.com
7 hours ago
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