रेपो रेट में कटौती का EMI पर असर क्यों नहीं दिखता? RBI के नए नियमों से बदलेगी लोन रीसेट प्रक्रिया
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट कम करने के बावजूद, MCLR से जुड़े लोन की EMI में तुरंत कमी नहीं आती है क्योंकि ब्याज दरों में बदलाव लोन की अगली रीसेट तारीख पर ही होता है। अब RBI ने एक नया ड्राफ्ट पेश किया है, जिसमें MCLR फ्लोटिंग लोन को हर 3 महीने में रीसेट करने का सुझाव दिया गया है। इससे ग्राहकों को ब्याज दर में कटौती का लाभ काफी तेजी से मिल सकेगा।