धार्मिक परंपराओं के मुताबिक, श्रृंगी पूजा के दौरान काम आने वाला एक खास बर्तन है, जिसकी बनावट जानवर के सींग जैसी होती है। श्रृंगी से गिरने वाली जल की धार बिना किसी रुकावट के सीधे शिवलिंग पर गिरती है। ऐसी मान्यता है कि जल की यह अटूट धारा महादेव को बहुत पसंद है। माना जाता है कि जब रुद्राभिषेक श्रृंगी के जरिए किया जाता है, तभी यह पूजा पूरी मानी जाती है।