यूरेनस और नेप्च्यून पर हीरों की बारिश का रहस्य क्या है?
पिछले करीब 40 सालों से शोधकर्ताओं का यह मानना है कि नेप्च्यून और यूरेनस के अंदर हीरों की बारिश होती है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इन ग्रहों के भीतर मौजूद भीषण गर्मी और दबाव मीथेन के अणुओं को विखंडित कर देते हैं, जिससे कार्बन और हाइड्रोजन अलग हो जाते हैं। इसके बाद, भारी दबाव के कारण कार्बन के परमाणु आपस में मिलकर हीरे का रूप ले लेते हैं।