मैटरनिटी लीव के बाद CA को क्लर्क का काम देने पर कंपनी पर लगा ₹11.5 लाख का जुर्माना
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक निजी कंपनी को निर्देश दिया है कि वह सीए राखी बिष्ट को ₹10 लाख का मुआवजा और ₹1.5 लाख कानूनी खर्च के रूप में दे। यह फैसला कंपनी द्वारा मैटरनिटी लीव से वापस लौटीं राखी को क्लर्क स्तर का काम सौंपने के बाद आया है। राखी ने जून 2022 में इस कंपनी में काम शुरू किया था और दिसंबर 2023 में वह मैटरनिटी लीव पर चली गई थीं। जुलाई 2024 में जब उन्होंने दोबारा ड्यूटी जॉइन की, तो उन्हें उनकी भूमिका के अनुरूप काम नहीं दिया गया।