मिस्र ने 'इस्लामिक नाटो' से दूरी क्यों बनाई?

मिस्र ने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किए के बीच हुए रक्षा समझौते, जिसे 'इस्लामिक नाटो' कहा जा रहा है, में शामिल होने से इनकार कर दिया है। मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब नहीं चाहता था कि मिस्र इस गठबंधन का हिस्सा बने। सऊदी अरब ने मिस्र को लगभग 25 अरब डॉलर की आर्थिक सहायता दी है, लेकिन वह मिस्र से मिलने वाले सीमित सहयोग से खुश नहीं है। इसके अलावा, भारत और मिस्र के बीच बढ़ते मजबूत संबंधों को भी इस फैसले के पीछे एक बड़ी वजह माना जा रहा है।

by shortkt.com
3 hours ago
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