देवी भ्रमराम्बा को भेंट की गई माचिस में समा जाने वाली साड़ी, बुनकर का अनोखा हुनर
हथकरघा बुनकर और ‘कलारत्न’ पुरस्कार से सम्मानित नल्ला विजय कुमार ने देवी भ्रमराम्बा को एक विशेष साड़ी भेंट की है। 5.5 मीटर लंबी और 48 इंच चौड़ी इस रेशमी साड़ी का कुल वज़न महज 200 ग्राम है। इसकी बुनाई की बारीकी का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसे तह करने पर यह एक छोटी सी माचिस की डिब्बी के अंदर पूरी तरह आ जाती है।