डायन के नाम पर हिंसा संवैधानिक लोकतंत्र के लिए खतरा: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा में 1998 में एक महिला की डायन बताकर की गई हत्या के मामले में दोषी की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने टिप्पणी की कि यदि समाज में अंधविश्वास और ऐसी हिंसक कुरीतियां बनी रहीं, तो यह हमारे संवैधानिक लोकतंत्र के लिए बड़ा संकट होगा। अदालत ने इस मामले में पीड़िता की बेटी की गवाही को पूरी तरह भरोसेमंद माना है।