हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, जेपी नड्डा के दौर में बीजेपी का संगठन राष्ट्रीय सचिवों की एक सीमित टीम के माध्यम से केंद्रीय कमान पर ज्यादा केंद्रित था। वहीं, नितिन नवीन को नई पीढ़ी के नेतृत्व के रूप में देखा जा रहा है। उनकी टीम में 40 से 50 वर्ष की आयु के नेताओं की संख्या अधिक है, जिसमें अनुभव और युवा ऊर्जा का संतुलन बनाने पर जोर दिया गया है।