जानिए 'सीता राम चरित अति पावन' का अर्थ और इसके रचयिता
'सीता राम चरित अति पावन...' यह चौपाई गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित श्रीरामचरितमानस से ली गई है, जिसे प्रसिद्ध धारावाहिक 'रामायण' में भी शामिल किया गया था। इस पंक्ति का अर्थ है कि माता सीता और भगवान श्री राम का जीवन और उनकी लीलाएं अत्यंत पावन हैं और ये सभी पापों का नाश करने वाली हैं। वहीं, 'मधुर सरस' का भाव यह है कि यह कथा बहुत ही आनंदमयी और रस से भरी हुई है।