किशोरों के यौन संबंधों को अपराध मानने पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई असहमति

सुप्रीम कोर्ट ने किशोरों के बीच आपसी सहमति से बने यौन संबंधों को पॉक्सो (POCSO) कानून के दायरे में लाकर उन्हें अपराधी ठहराने पर सवाल खड़े किए हैं। अदालत ने टिप्पणी की कि सरकार आखिर लड़का-लड़की के घर से भागने को किस तरह नियंत्रित कर सकती है? कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पॉक्सो कानून का मुख्य उद्देश्य बच्चों का यौन शोषण और उत्पीड़न रोकना है। अदालत के अनुसार, 15 से 18 साल की उम्र काफी नाजुक होती है और यह समय नई चीजों को अनुभव करने का होता है।

by shortkt.com
11 hours ago
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