एक ही घर में अलग कमरों में रहना वैवाहिक क्रूरता नहीं है: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने साफ किया है कि अगर पति-पत्नी एक ही छत के नीचे अलग-अलग कमरों में रह रहे हैं, तो इसे वैवाहिक क्रूरता की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। इस विवाद में पत्नी ने मानसिक प्रताड़ना, झगड़ों और पति के हावी होने का आरोप लगाया था, जबकि पति ने पत्नी पर अनदेखी करने की बात कही थी। हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के निर्णय को सही ठहराते हुए पति को निर्देश दिया कि वह अपनी पत्नी को हर महीने ₹25,000 का गुजारा भत्ता दे।