14 अगस्त को हुए सौर विस्फोट के कारण उत्पन्न कोरोनल मास इजेक्शन के 17 अगस्त को पृथ्वी से टकराने की संभावना है। इसके चलते G1-श्रेणी का जियोमैग्नेटिक स्टॉर्म पैदा हो सकता है। इस मामूली तूफान की वजह से ऊंचे अक्षांश वाले इलाकों में अरोरा (Aurora) दिखाई दे सकता है, साथ ही यह कुछ समय के लिए सैटेलाइट, रेडियो सिग्नल और नेविगेशन सिस्टम में बाधा डाल सकता है।